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जैविक पर आधारित उर्वरक

समाज को लाभ पहुंचाने के लिए व् जहर मुक्त स्वस्थ उत्पादन को मार्किट में ला कर स्वस्थ समाज के निर्माण के लिय जरुरी है।

“लेकिन अगर जैविक शब्द को पढ़ कर आपके दिमाग में “बैल और हल” पारंपरिक खेती की तस्वीर को उजागर करता है – तो आज आप वास्तविकता को जानकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं …

अच्छा होगा की इसके बजाय, आधुनिक शोध सुविधाओं और उत्पादन उपकरणों के साथ परिष्कृत विपणन रणनीतियों के साथ एक वैज्ञानिक प्रयोगशाला की कल्पना करें।

आज, जैविक पर आधारित उर्वरक क्षेत्र अनुसंधान पर आधारित, ज्ञान-गहन और नवाचार संचालित है।

जैविक उद्योग ने विभिन्न मूल्य श्रृंखलाओं से बायो-आधारित, बाय-प्रोडक्ट्स की बढ़ती विविधता से पोषक तत्व निकालने के लिए तेजी से कुशल, स्मार्ट और प्रभावी तरीकों को अपनाया है और उन्हें सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाले, और प्रभावी उर्वरकों को पौधे व् मिट्टी के क्रिया विज्ञान को अध्ययन अनुसंधान कर के तैयार किया है। ”

जो किसान / बागवान भ्रम में है की जैविक खेती अपना कर उत्पादन में कमी आएगी तो आप लोगो के संतुष्टि के लिए बता दें ऐसा कुछ भी नहीं होगा बेझिझक हो के अपनाये और जैविक का भरपूर फायदा उठायें जहर मुक्त खेती करें।

अपने बाग़ बगीचों को जहर मुक्त करे व् अपनी खेतो की मिटटी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाएं।

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